गर्भवती महिला के उपचार ( Garbhwati Mahila Ke Upchar )

By | July 31, 2016

गर्भवती महिला के उपचार ( Garbhwati Mahila Ke Upchar ) :

गर्भवती महिला के उपचार ( Garbhwati Mahila Ke Upchar ) : Garbhwati Mahila ka gharelu ilaj, Garbhwati Mahila ka gharelu upay.

1) किसी भी तरह की उल्टी हो रही हो या जी मिचलाता हो तो सूखा धनिया या हरा धनिया कूट-पीस कर निचोड़ कर तरल तैयार कर लें। 5-5 चम्मच तरल बार – बार देते रहें इससे उल्टी रुक सकती है। गर्भवती की उल्टी के लिए भी यह उपाय सफल रहता है।

2) चार नींबू का रस निकाल कर छान लें। 50 ग्राम सैंधा नमक डालें और 125 ग्राम जीरा रस में भिगो दें। धीरे -धीरे जब रस पूरी तरह सूख जाए और सिर्फ जीरा रह जाये तो इसे कांच या प्लास्टिक की शीशी में भरकर रख लें। जब उल्टी आती हो तब इसे आधी चम्मच मात्रा में मुहं में चूसें | उल्टी काबू में आ जाती है।

3) अदरक व प्याज का रस दो-दो चम्मच पिलाने से उल्टी होना बंद हो जाती है।

4) बार-बार उल्टी होना रोकने के लिए बर्फ चूसना हितकारी उपचार है।

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5) तुलसी के पत्ते पीसकर रस निकालें। इसके सेवन से उल्टी बंद होती है और पेट के कृमि भी मर जाते हैं।

6) तुलसी के पत्ते के रस में शहद मिलाकर चाटने से लाभ मिलता है | (Garbhwati Mahila Ke Upchar).

7) पित्त की उल्टी होती हो तो शहद और दालचीनी मिलाकर चाटना कर्त्तव्य है।

8) दो लौंग पानी में उबालकर पियें। उल्टी में हितकारी असर होता है। लौंग चबाकर भी खाया जा सकता है।

9) गर्भवती स्त्री भुने चने का सत्तू पानी में पतला घोल बनाकर, नमक शकर मिलाकर पीये तो उल्टी की समस्या दूर होती है।

10) यात्रा के दौरान खान पान की गडबडी से उल्टी आती हो तो लहसुन की कली चबाने से लाभ मिलता है।

11) जी मिचलाने पर प्याज काटें उसमें नींबू रस और काला नमक मिलाकर खाना चाहिए।

12) गर्भवती स्त्री को गाजर का रस बराबर पिलाते रहें। इससे केल्शियम की कमी नहीं होगी तथा रक्त में हीमोग्लोबिन का उचित स्तर कायम रहेगा। (Garbhwati Mahila Ke Upchar).

13) कच्चे टमाटर के रस में शहद मिलाकर देना चाहिए, इससे गर्भिणी एनीमिया की शिकार नहीं होगी | इससे भूख भी बढ़ती है ।

14) गर्भिणी को खाना खाने के बाद थौड़ी अजवाइन जरूर लेना चाहिए। इससे मिचली नहीं होती और खाना ठीक से हजम होता है ।

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15) दैनिक आहार में हरी सब्जिया लेना स्वास्थ्यकारी रहता है, इससे आयरन की पूर्ति होती है ।

16) हर्रे को पीसकर शहद के साथ चाटें, उल्टी बंद करने का अच्छा उपाय है | (Garbhwati Mahila Ke Upchar).

17) पूरे गर्भ काल में दस मिली सौंफ का अर्क पीते रहना चाहिए, इससे गर्भपात की संभावना नहीं रहती है।

18) गर्भिणी को आँवला किसी भी रूप लेना हिकार है | आंवला शरीर को एक अंडे से भी ज्यादा शक्ति, स्फूर्ति, बल देता है।

19) एक कप कच्चे दूध में एक चुटकी पीसी फिटकरी डालकर पीने से गर्भ गिरना रुक जाता है।

20) गर्भिणी को नारियल गोला और मिश्री का उपयोग करना चाहिए | इससे प्रसव आसानी से होता है।

21) जिस स्त्री को बार-बार गर्भ गिर जाता है वह गर्भावस्था में सिंघाड़े खाए तो गर्भपात से निजात मिलेगी।

22) यदि गर्भिणी को उल्टियां अधिक हो रही हों तो राई को पीसकर पेट पर मल मल का कपड़ा रखकर लेप करें पन्द्र मिनिट तक रहने दें | उल्टियां बंद हो जायेंगी | (Garbhwati Mahila Ke Upchar).

23) गर्भावस्था में छाछ पीना लाभदायक है।

24) जी मिचलाना अखरोट खाने से भी ठीक हो जाता है।

2 5) गर्भिणी को चुकंदर का रस सेवन करते रहना हितकर है | इससे रक्त बढ़ता है और स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ती है।

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