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गुरू पुष्य योग के उपाय !! Guru Pushya Yog Ke Upay

गुरू पुष्य योग के उपाय [ Guru Pushya Yog Ke Upay ] :

ज्योतिष में 27 नक्षत्र माने गए हैं। इनमें 8 वे स्थान पर आता है पुष्य नक्षत्र। इस नक्षत्र का स्वामी शनि है। ज्योतिषीय मान्यता है कि इस नक्षत्र में स्थाईत्व का गुण होता है। इसलिए इस समय में जो भी वस्तु खरीदी जाती है। वह स्थाईतौर पर सुख और समृद्धि देती है। इसे संस्कृत में अमरेज्य नाम से भी संबोधित किया गया है जिसका अर्थ होता है देवताओं द्वारा पूजित। यह नक्षत्र खरीददारी, व्यापार व बही खातों के कार्यों के लिए विशेष फल देने वाला है। जबकि इस नक्षत्र में शादी को निषेध माना गया है। जब यह नक्षत्र सोमवार, गुरुवार या रविवार को आता है, तो एक विशेष वार नक्षत्र योग निर्मित होता है । आज हम आपको गुरु पुष्य योग के बारे बताने जा रहे है “शनि पुष्य योग” भी “गुरु पुष्य योग” व्  “रवि पुष्य योग” जितना महत्वपूर्ण माना जाता है यह योग गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र आने के कारण बनता है इस दिन कुछ विशेष उपाय व् टोटके किये जाये तो ओर दिनों की तुलना में बहुत जल्दी असरदार होते है ! इसलिए हम आपको गुरू पुष्य के उपाय ( Guru Pushya Ke Upay ) बताने जा रहे हैं ! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Sharma द्वारा बताये जा रहे गुरू पुष्य योग के उपाय ( Guru Pushya Yog Ke Upay ) को करके आप भी अपने जीवन में शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को दूर कर सकते है व् इसके अलावा और भी इस दिन लाभ व् फायदा उठा सकते हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500

गुरू पुष्य योग कब है ? : Guru Pushya Yog Kab Hain ? :

गुरू पुष्य नक्षत्र ( Shani Pushya Nakshatra ) नवम्बर की 09 तारीख वार गुरुवार के दिन हैं !

  • गुरु पुष्य योग ( Guru Pushya Yog ) वाले दिन को दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें । ऐसा करने से मां लक्ष्मी जी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं व् जातक की मनोकामना पूरी हो जाती हैं !
  • गुरु पुष्य योग वाले दिन मोती शंख को अपने घर में स्थापित करके नीचे दिए गये मंत्र को 11 बार बोलते हुए 1 – 1 अखंडित चावल का दाना शंख में डालें ! यह आपको लगातार गुरु पुष्य योग वाले दिन से 11 दिन तक करना हैं ! ऐसा करने से आपकी आर्थिक परेशानी दूर होगी ! मंत्र : “ॐ महालक्ष्मै नम:”। 

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  • यदि व्यापार में घाटा या नुकसान हो रहा है तो गुरु पुष्य योग ( Guru Pushya Yog ) वाले दिन व्यापार के धन स्थान पर मोती शंख स्थापित करने से व्यापार में वृद्धि होती है ।

  • गुरु पुष्य योग वाले दिन बरगद (बड़) के पत्ते को अपने घर लाकर उसे गंगाजल से धोकर उस पर हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में  रखना चाहिए ।
  • गुरु पुष्य योग ( Guru Pushya Yog ) वाले दिन सुबह जल्दी जगकर नित्य कर्म से निवृत होकर पारद की बनी श्री लक्ष्मी जी की मूर्ति की स्थापना करके उनका विधिपूर्वक पूजा करें और माँ लक्ष्मी जी को लाल चंदन, अक्षत, लाल वस्त्र आदि चढ़ाये ! उसके बाद माँ लक्ष्मी जी को 108 लाल रंग के फुल नीचे दिए गये मंत्र का जाप करते करते हुए एक एक अर्पित करें ! उसके बाद माता श्री लक्ष्मी जी की 5 बत्तियों वाले दीपक से आरती करें ! उसके बाद मूर्ति को तिजोरी में स्थापित कर दें ! मंत्र : “ऊंं श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम:” ।।

  • गुरु पुष्य योग वाले दिन सुबह जल्दी जगकर नित्य कर्म से निवृत होकर साफ़ वस्त्र धारण करके शुभ मुर्हूत में अपने सामने थाली रखकर उसमे चंदन या कुंकुम से अष्ट दल बनाकर उस पर इस नारियल को रख दें और धूपबत्ती व् दीपक लगा दें । शुद्ध जल से स्नान कराकर उस एकाक्षी नारियल पर पुष्प, चावल, फल, प्रसाद आदि रखें । लाल रेशमी वस्त्र ओढ़ाएं । इसके बाद उस रेशमी वस्त्र को जो कि आधा मीटर लंबा हो बिछाकर उस पर केसर से नीचे दिए गये मंत्र को लिखें ! मंत्र : “ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं महालक्ष्मीं स्वरूपाय एकाक्षिनालिकेराय नम: सर्वदिद्धि कुरु कुरु स्वाहा” ।। उसके बाद इस रेशमी वस्त्र पर एकाक्षी नारियल को रखकर नीचे दिए मंत्र का जाप 1 – 1 करते हुए उस पर 108 गुलाब की पंखु़ि़ड़यां चढ़ाएं ! मंत्र : “ऊं ऐं ह्रीं श्रीं एकाक्षिनालिकेराय नम:”। इसके बाद गुलाब की पंखुडिय़ां हटाकर उस रेशमी वस्त्र में नारियल को लपेटकर थाली में चावलों की ढेरी पर रख दें और इस मंत्र की 1 माला जपें ! मंत्र : “ऊं ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं एकाक्षाय श्रीफलाय भगवते विश्वरूपाय सर्वयोगेश्वराय त्रैलोक्यनाथाय सर्वकार्य प्रदाय नम:”। सुबह उठकर पुन: 21 गुलाब से पूजा करें और उस रेशमी वस्त्र में लिपटे हुए नारियल को पूजा स्थान पर रख दें । इस प्रकार एकाक्षी नारियल को घर में स्थापित करने से धन लाभ होता है । 

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  • गुरु पुष्य योग ( Guru Pushya Yog ) वाले दिन सुबह जल्दी जगकर नित्य कर्म से निवृत होकर साफ़ वस्त्र धारण करके शुभ मुर्हूत में लघु नारियल का केसर व चंदन से पूजन करें और माता श्री लक्ष्मी जी व भगवान विष्णु का ध्यान करें । उनसे घर में समृद्धि बनाए रखने के प्रार्थना करें, फिर 108 बार दिए गये मंत्र का जाप करें ! मंत्र : “।।श्रीं।।”

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