खाँसी के उपाय !! Khansi Ke Upay

By | August 9, 2016

खाँसी के उपाय [ Khansi Ke Upay ] :

आज हम आपको खाँसी के कुछ घरेलु उपाय बताने जा रहे है इससे उपयोग में लेने से आपको फायदा होगा ! नोट : इस लेख में खाँसी रोगियों के लिए कुछ देसी नुस्खे पेश किए गए हैं। इनमें से किसी को भी आजमाने से पूर्व अपने चिकित्सक से राय अवश्य लें।

  • तुलसी पत्ते, 5 काली मिर्च, 5 नग काला मनुक्का, 6 ग्राम गेहूँ के आटे का चोकर , 6 ग्राम मुलहठी, 3 ग्राम बनफशा के फूल लेकर 200 ग्राम पानी में उबालें। 1 /2 रहने पर ठंडा कर छान लें। फिर गर्म करके बताशे डालकर रात सोते समय गरम-गरम पी जाएँ और चादर ओढ़कर सो जाएँ तथा हवा से बचें। कैसी भी खुश्क खाँसी हो, ठीक हो जाएगी। Cough remedy
  • काली मिर्च, हरड़े का चूर्ण, तथा पिप्पली का काढ़ा बना कर दिन में दो बार लेने से खाँसी जल्दी दूर होती है।Khansi ke ayurvedic upay
  • 1 चम्मच शहद में पिसी हुई कालीमिर्च मिलाकर पीने से भी खांसी जल्दी ही दूर हो जाती है|Khansi ke gharelu nukhse
  • 1 चम्मच अदरक का रस में एक चोथाई शहद एवं चुटकी भर हल्दी मिलाकर लेने से खांसी जल्दी ही दूर हो जाती है।
  • मूली का रस और दूध को बराबर मिलाकर 1 -1 चम्मच दिन में छह बार लेने से भी शीघ्र लाभ मिलता है ।

  • हींग, काली मिर्च और नागरमोथा को पीसकर गुड़ के साथ मिलाकर गोलियाँ बना लें। प्रतिदिन भोजन के बाद दो गोलियों का सेवन करने से खाँसी और कफ में लाभ मिलता है ।Khansi se niwaran ke upay
  • 1 चम्मच अजवाइन एवं हल्दी मिलाकर गरम कर ले,फिर उसे ठंडा होने के बाद शहद मिलाकर पीने से खांसी जल्दी ही दूर हो जाती है।
  • खांसी होने पर सेंधा नमक की डली को आग पर अच्छे से गरम कर लीजिए। जब नमक की डली गर्म होकर लाल हो जाए तो तुरंत आधा कप पानी में डालकर निकाल लीजिए। उसके बाद इस नमकीन पानी को पी लीजिए। ऐसा पानी 2-3 दिन सोते वक्त पीने पर खांसी समाप्त हो जाती है।Khansi ka ilaj
  • शहद, किशमिश और मुनक्के को मिलाकर लेने से खांसी जल्दी ही ठीक हो जाती है।
  • हींग, त्रिफला, मुलेठी और मिश्री को नींबू के रस में मिलाकर चाटने से भी खांसी में फायदा मिलता है।
  • भुने हुए चने को कालीमिर्च के साथ खाने से खांसी बहुत जल्दी गायब हो जाती है।
  • त्रिफला में बराबर मात्रा में शहद मिलाकर पीने से हर तरह की खांसी में फायदा होता है।
  • तुलसी, कालीमिर्च और अदरक की चाय पीने से भी खांसी शीघ्र ही समाप्त होती है।
  • पानी में नमक, हल्द‍ी, लौंग और तुलसी पत्ते उबालें। इस पानी को छानकर रात को सोते समय गुनगुना पिएँ। इसके लगातार सेवन से 7 दिनों के अंदर खाँसी पूरी तरह से समाप्त हो जाती है ।
  • 1 से 2 ग्राम मुलहठी एवं तुलसी का 5 से 10 मिलीलीटर रस मिलाकर शहद के साथ चाटने से अथवा 4-5 लौंग को भूनकर तुलसी के पत्तों के साथ लेने से सभी प्रकार की खाँसी में लाभ होता है।

  • दो ग्राम काली मिर्च एवं डेढ़ ग्राम मिश्री का चूर्ण अथवा शितोपलादि चूर्ण एक-एक ग्राम दिन में तीन चार बार शहद के साथ चाटने से खाँसी में लाभ होता है।
  • पीपरामूल, सौंठ एवं बहेड़ादल का चूर्ण बना कर शहद में मिलाकर प्रतिदिन खाने से सर्दी-कफ की खाँसी मिटती है।
  • हल्दी के टुकड़े को घी में सेंककर रात्रि को सोते समय मुँह में रखने से कफ, सर्दी और खाँसी में फायदा होता है। कष्टदायक खाँसी भी उससे कम होती है। साथ-साथ हल्दी के धुएँ का नस्य लेने से सर्दी और जुकाम तुरंत मिटते हैं।
  • अनार की सूखी छाल आधा तोला बारीक कूटकर, छानकर उसमें थोड़ा-सा कपूर मिलायें। यह चूर्ण दिन में दो बार पानी के साथ मिलाकर पीने से भयंकर कष्टदायक खाँसी मिटती है।
  • सर्दी-जुकाम एवं खाँसी में हल्दी-नमक मिश्रित ताजे भुने हुए एक मुट्ठी चने सुबह तथा रात्रि को सोते वक्त खायें किंतु उसके ऊपर पानी न पियें। भोजन में घी, दूध, शक्कर, गुड़ एवं खटाई का सेवन बंद कर दें। सर्दी-खाँसीवाले स्थायी मरीज के लिए यह एक सस्ता प्रयोग है।
  • हल्दी नमकवाली भुनी हुई अजवायन को भोजन के पश्चात् मुखवास के रूप में नित्य सेवन करने से सर्दी खाँसी मिट जाती है। अजवायन का धुआँ लेना चाहिए। अजवायन की पोटली से छाती का सेंक करना चाहिए। मिठाई, खटाई एवं चिकनाईयुक्त चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • सोंफ एवं मिश्री का चूर्ण बारंबार मुँह में रखने से गर्मी की खाँसी मिटती है।
  • सौंठ को पीस कर पानी में खूब देर तक उबालें। जब एक चौथाई रह जाए तो इसका सेवन गुनगुना होने पर दिन में तीन चार बार करें। तुरंत फायदा होगा।
  • गुनगुने पानी से गरारे करने से गले को भी आराम मिलता है और खांसी भी कम होती है।

  • खांसी होने पर खांसी को रोकने के लिए मूंगफली,चटपटी व खट्टी चीजें, ठंडा पानी, दही, अचार, खट्टे फल, केला, कोल्ड ड्रिंक, इमली, तली-भुनी चीजों को खाने से बचना चाहिए ।
  • सूखी खांसी में काली मिर्च को पीसकर घी में भूनकर लेना भी बहुत उत्तम रहता है।
  • पान का पत्ता और थोड़ी-सी अजवायन , चुटकी भर काला नमक व शहद मिलाकर लेना भी खांसी में लाभ देता है।
  • बताशे में काली मिर्च डालकर चबाने से भी खांसी में बहुत शीघ्र कमी आती है।
  • अदरक का एक छोटा टुकड़ा छीले बिना (छिलकेसहित) आग में गर्म करके छिलका उतार दें। इसे मुँह में रख कर आहिस्ता-आहिस्ता चबाते चूसते रहने से अन्दर जमा और रुका हुआ बलगम निकल जाता है और सर्दी-खाँसी ठीक हो जाती है।
  • अजवायन, पीपल, अडूसा के पत्ते तथा पोस्त-डोडा- इनका क्वाथ बनाकर पीने से खांसी, श्वास तथा कफ ज्वर का इलाज होता है।
  • संभालू के पत्तों का क्वाथ और पीपल का चूर्ण मिलाकर पीने से कफ ज्वर का नाश होता है।
  • हल्दी और दूध गर्म कर उसमें थोड़ा सा नमक और गुड़ डालकर बच्चों को पिलाने से जुकाम तथा कफ रोग मिटता है।
  • नागरबेल के पत्ते पर एरंड का तेल लगाकर और उसे थोड़ा सा गर्म करके छोटे बच्चों की छाती पर रखकर गर्म कपड़े से हल्का सेंक करने से बालक की छाती में जमा कफ पिघल कर निकल जाता है।
  • पुदीने का ताजा रस या अर्क कफ, सर्दी एवं मस्तिष्क दर्द में अत्यंत उपयोगी है।
  • वेबसाइट में आने का आपका सादर आभार !!

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