महाकाली मंत्र साधना !! MahaKali Mantra Sadhana

By | March 20, 2017

महाकाली मंत्र साधना [ MahaKali Mantra Sadhana ] : 

माँ दुर्गा जी की दस महा साधना में एक साधना MahaKali Mantra Sadhana है ! इस साधना को आप चैत्र व् आश्विन नवरात्रि में या गुप्त नवरात्रि में कर सकते है ! महाकाली मंत्र साधना माँ श्री दुर्गा जी का प्रथम उग्र रूप है ! MahaKali Mantra Sadhana के बाद आप अपने जीवन में चल रही परेशानी से निजात पा सकते है ! अपने मोबाइल में ” Astro Pandit “ के नाम से एप्प Play Store से अभी डाउनलोड करके उपाय अपने मोबाइल में ही पढ़े !

नवरात्रि व् गुप्त नवरात्रि महाकाली मंत्र साधना पूजा करने का समय विधान : 

प्रात: पूजा करने से देवी का फल 40% प्राप्त होता हैं 

दिन की पूजा करने से 60% फल प्राप्त होता हैं 

संध्या पूजन से 80% फल प्राप्त होता हैं 

रात्रि पूजन करने से 100% फल प्राप्त होता हैं ।।

महा काली (पार्वती अथवा सती), शिव अर्धांगिनी तमो गुनी, विध्वंस से सम्बंधित, भयंकर स्वरूप वाली : 

१. चिंता मणि काली

२. स्पर्श मणि काली

३. संतति प्रदा काली

४. सिद्धि काली

५. दक्षिणा काली

६. कामकला काली

७. हंस काली

८. गुह्य काली

मुख्य नाम : महा-काली।

अन्य नाम : दक्षिणा या दक्षिण काली, कामकला काली, गुह्य काली, भद्र काली इत्यादि।

भैरव : महा-काल, मृत्यु के कारक देवता।

तिथि : आश्विन कृष्ण अष्टमी।

भगवान विष्णु के २४ अवतारों से सम्बद्ध : भगवान विष्णु।

कुल : काली कुल।

दिशा : सभी दिशाओं में।

स्वभाव : उग्र, तामसी गुण सम्पन्न।

वाहन : लोमड़ी।

तीर्थ स्थान या मंदिर : कालीघाट, कोलकाता, पश्चिम बंगाल। ५१ सती पीठों में एक।

कार्य : समस्त प्रकार के कार्यों का फल प्रदान करने वाली।

शारीरिक वर्ण : गहरा काला, श्याम वर्ण।

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22 अक्षरी श्री दक्षिण काली मंत्र : 

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

भद्रकाली मंत्र : 

ॐ ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा॥

श्री शमशान काली मंत्र : 

ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं॥ 

एकाक्षरी काली मंत्र : 

ॐ क्रीं॥

तीन अक्षरी काली मंत्र : 

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं॥

पांच अक्षरी काली मंत्र : 

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्॥

षडाक्षरी काली मंत्र : 

ॐ क्रीं कालिके स्वाहा॥

सप्ताक्षरी काली मंत्र : 

ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा॥

श्री दक्षिणकाली मंत्र : 

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥

श्री दक्षिणकाली मंत्र : 

क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणेकालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥

श्री दक्षिणकाली मंत्र : 

ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

श्री दक्षिणकाली मंत्र : 

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥

नोट : महा काली की साधना आप बिना गुरु बनाये ना करें गुरु बनाकर व् अपने गुरु से सलाह लेकर इस साधना को करना चाहिए ! क्युकी बिना गुरु के की हुई साधना आपके जीवन में हानि ला सकती है ! 


नोट : यदि आपके जीवन में कोई परेशानी चल रही है तो उससे निजात पाने के लिए दिए गये नम्बर पर कॉल करें ! +91- 7821878500 ( Not For Free Services )

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