My Blog

My WordPress Blog

नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र !! Navagraha Peeda Hara Stotram

नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र [ Navagraha Peeda Hara Stotram ] : 

जो भी जातक #नवग्रह_पीड़ाहर_स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन करता है उसके नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र उसकी सब प्रकार की पीड़ा हरण कर लेते है ! इस स्रोत्र का हर दिन पाठ करने से जातक का जीवन सुखमय होता है ! आपके द्वारा किये गये पापों का प्रायश्चित करने का यह बहुत अच्छा व् उत्तम साधन है ! यदि आप बड़े अनुष्ठान न सकते तो यह स्त्रोत ( #Navagraha_Peeda_Hara_Stotram ) नियमित रूप से पढ़ने से आप बड़ी से बड़ी कठिनाई से बड़ी आसानी से निकल सकते है ! यदि आप किसी विशेष उद्देश्य से इस स्त्रोत को पढ़ रहे है तो प्रतिदिन 11 या 21 बार पाठ लगातार 21 दिनों तक करें व् 21 दिनों के अनुष्ठान के बाद दशांश हवन, तर्पण व मार्जन कर ब्राह्मण भोजन करायें ! उसके बाद नित्य इस स्तोत्र का एक बार पाठ अवश्य करें ! शीघ्र लाभ व् फायदा मिलेगा ! !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो दिए गये नंबर पर कॉल करें व् साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 7821878500

ग्रहाणामादिरादित्यो लोकरक्षण कारक:।

विषमस्थान संभूतां पीडां हरतु मे रवि:।।

रोहिणीश: सुधामूर्ति: सुधागात्र: सुधशन:।

विषमस्थान संभूतां पीडां हरतु मे विधु:।।

भूमिपुत्रो महातेजा जगतां भयकृत्सदा।

वृष्टिकुदृष्टिहर्ता च पीडां हरतु मे कुज:।।

उत्पातरूपो जगतां चन्द्रपुत्रो महाद्युति:।

सूर्यप्रियकरो विद्वान्पीडां हरतु में बुध:।।

देवमन्त्री विशालाक्ष: सदा लोकहिते रत:।

अनेक शिष्यसंपूर्ण: पीडां हरतु में गुरु:।।

दैत्यमन्त्री गुरुस्तेषां प्राणदाश्च महामति:।

प्रभुस्ताराग्रहाणां च पीडां हरतु मे भृगु:।।

सूर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय:।

दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि:।।

महाशिरो महावक्त्रो दीर्घदंष्ट्रो महाबल:।

अतनु: ऊध्र्वकेशश्च पीडां हरतु में शिखी।।

अनेक रूपवर्णेश्च शतशोऽथ सहश:।

उत्पातरूपो जगतां पीडां हरतु मे तम:।।

नोट : यदि आप कुंडली दिखा कर उपाय जानना चाहते हो या उपाय के साथ अपनी कुंडली का वर्षफल बनवाना चाहते हो तो दिए गये नंबर पर कॉल करें ! 7821878500 ( Not For Free Services )

Join पंडित ललित ब्राह्मण Facebook प्रोफाइल : Click Here

आगे इन्हें भी पढ़े : 

श्री नवग्रह चालीसा का पाठ पढ़े : Click Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

My Blog © 2018 Frontier Theme