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शनि बीज मन्त्र और तांत्रिक मंत्र !! Shani Beej Mantra Or Tantrika Mantra

शनि बीज मन्त्र और तांत्रिक मंत्र [ Shani Beej Mantra Or Tantrika Mantra ] : 

यदि आपकी जन्मपत्री में शनि नीच हो या अशुभ हो या शनि की दशा, अन्तर्दशा में बुरे व् ख़राब परिणाम दे रही हो तो दिए गये शनि मंत्र का जाप करने से शनि अच्छे परिणाम देने लग जायेगा ! शनि मंत्र का हर दिन जाप करने से गोचर में चल रही ख़राब दशा में भी अच्छे नजीते देखने को मिल जायेगें ! हम यंहा शनि वैदिक मंत्र ( Shani Vedic Mantra ), शनि पौराणिक मंत्र, शनि तंत्रोक्त / तांत्रिक मंत्र ( Shani Tantrik Mantra ), शनि गायत्री मंत्र ( Shani Gayatri Mantra ) के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें आप शनि की दशा में जाप करके अशुभ शनि को शुभ शनि में बड़ी आसानी से बदल सकते है ! आचार्य पंडित ललित शर्मा द्वारा बताने जा रहे शनि मंत्र का आप भी जाप करके अपने जीवन में शनि द्वारा बुरे परिणाम व् फ़ल को समाप्त कीजिये !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 7821878500 

  • शनि वैदिक मंत्र ( #Shani_Vedic_Mantra ) : “ॐ शन्नो देवी रभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंय्यो रभिस्त्रवन्तु नः”।।
  • शनि पौराणिक मंत्र : “ॐ नीलाजंन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छाया मार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्” ।।
  • शनि तंत्रोक्त / तांत्रिक मंत्र ( #Shani_Tantrik_Mantra ) : “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”।

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  • शनि बीज मंत्र : “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”।
  • शनि का एकाक्षरी मंत्र : “ॐ शं शनैश्चराय नम:” ।। और “ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं शनैश्चराय नमः” ।।
  • शनि गायत्री मंत्र ( #Shani_Gayatri_Mantra ) : “ॐ भग्भवाय विद्महे मृत्युरुपाय धीमहि, तन्नो सौरी:प्रचोदयात” ।।
  • शनि मंत्र जप संख्या : 23,000

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  • शनि जप मंत्र समय : संध्या काल, शुक्ल पक्ष, शनि की होरा ।
  • शनि ग्रह रत्न : नीलम रत्न धारण किया जाता है ।
  • शनि व्रत / उपवास : शनि के प्रकोप से बचने हेतु व्यक्ति को शनिवार के दिन एवं शुक्रवार के दिन व्रत रखना चाहिए ।
  • शनि देवता ( #Shani_Dewata ) : भगवान श्री हनुमान जी व् शनि देव भगवान ।
  • शनि ग्रह दान सामग्री ( #Shani_Daan_Samgri ) : काला तिल, नमक, सरसों तेल, काला वस्त्र, नीलम, कुलित्‍थ, महिषी, श्याम वस्त्र, लोहा, लोहे की वस्तुएं, नीले वस्त्र, सरसों का तेल, काले माश, काली मिर्च, काले वस्त्र, उड़द दाल, काली गाय, काले चने, काला सूरमा, भैंस, काला सांप, चमड़े का जूता, खेती योग्य भूमि, कुलथी, गर्म मसाले, पत्‍थर का कोयला, नीले पुष्प, काली कंबल, छाता, नीला पत्थर, दवाइयां, काली भैंस, नमक, सरसो का तेल, नारियल, निले फूल, बर्तन व अनाज, असहायों को काला कंबल सप्तधान्य व् खेती योग्य भूमि देनी चाहिए । शनिदेव के मंदिर के बाहर पुराने जूते और वस्त्रों का त्याग करना भी फायदा देता है । शनि ग्रह की शांति के लिए दान देते समय ध्यान रखें कि संध्या काल हो और शनिवार का दिन हो तथा दान प्राप्त करने वाला व्यक्ति ग़रीब और वृद्ध हो । 

नोट : यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो दिए गये नंबर पर कॉल करके आप सिर्फ कुछ उपाय से इस परेशानी से निज़ात पा सकते हो ( Not For Free Services ) : 7821878500

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आगे इन्हें भी पढ़े : 

शनि ग्रह की शांति के उपाय [ #Shani_Grah Ki Shanti Ke Upay ] : Click Here

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